सुस्तदिमाग़ नहीं बनना चाहते तो रात को तकिए के नीचे न रखें अपना फोन | Why Unsafe to sleep with Mobile under pillow?

मंदबुद्धि नहीं बनना चाहते तो रात को तकिए के नीचे न रखें अपना फोन, बिन बताए मिलेंगी कई बीमारियां!




हम जिस दुनिया में हम रहते हैं, जहाँ सेल फोन उपयोग दैनिक जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। हम जहां भी जाते हैं, इसे अपने साथ लेते हैं और अगर हम इसे घर पर भूल जाते हैं, तो हमें लगता है कि कुछ खो गया है। हम दिन के किसी भी समय इसे बंद नहीं करते हैं और रातभर इसके साथ सोते हैं। यह आदत हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है! क्या आप जानना चाहेंगे कि सेल फ़ोन के पास सोने की आदत बुरी है या नहीं?




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अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने के बाद कोई भी इंसान उठकर फोन को टेबल या कुर्सी पर रखने की जहमत नहीं उठाता। लेकिन ये छोटा सा आलस आपके दिमाग की शक्ति कम कर अापको मंदबुद्धि बना सकता है। 


तकिए के नीचे रखा फोन साइलेंट किलर की तरह काम करता है। कई रिसर्च से ये साबित हो गया है कि मोबाइल और ताररहित फोन से निकलने वाला खतरनाक रेडिएशन हमारे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, दिमाग पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे आपको सिर दर्द, मसल पेन आदि दिक्कतें होने लगती हैं। 
                 रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोबाइल फोन रेडिएशन आपके प्रोडक्टिव सिस्टम को प्रभावित कर स्पर्म काउंट कम कर सकता है। यानि अगर आप मर्द हैं तो आपके पिता बनने की क्षमता पर भी स्मार्ट फोन का रेडिएशन भयानक असर डाल सकता है। इसके साथ ही इससे ट्यूमर होने की संभावना रहती है। 900 mhz का सिग्नल ट्रांसमिशन आपकी बॉडी सिस्टम के लिए काफी खतरनाक है।




जाहिर है, एक सुबह कोई अपने सिर में ट्यूमर के साथ नहीं जागेगा, लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव खतरनाक हो सकता है। यह आपको प्रभावित कर सकता है, नहीं भी कर सकता है लेकिन क्यों एक अनावश्यक जोखिम ले, है ना




WHO ने चेतावनी जारी की थी कि आप कैंसर के रिस्क से बचना चाहते हैं तो फोन पर बात करते वक्त या तो ईयरफोन या फिर स्पीकर का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही सोते समय फोन को या तो ऑफ कर दें या फिर एयरप्लेन मोड पर लगा दें। एक अन्य रिसर्च के मुताबिक, बार-बार फोन के इस्तेमाल से इससे निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी से आपके मेटाबाॅलिजम यानी खाने को पचाने में दिक्कत आती है। 


कई बार हम छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैंजैसे थकान या चक्कर आना। ये बीमारी के लक्षण हैं और ये मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से हो सकता है। साथ ही ये भी बताया गया है कि मोबाइल को कभी खुले में नहीं रखना चाहिए। मोबाइल के लगातार शरीर के संपर्क में रहने से भी कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इनसे बचने के लिए फोन पर हमेशा कवर का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही साथ मोबाइल फोन को तकिए के नीचे रखने पर इसके फटने का खतरा भी बना रहता है। कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जब तकिए के नीचे रखा मोबाइल फट गया। इसलिए सोने से पहले अपना फोन या तो ऑफ कर लें या फिर उसे अपने से दूर रख लें।


जाने, सोते समय अपना सेल फ़ोन कहां और कैसे छोड़ना चाहिए-


दो तरीके हैं: पहले, इसे बंद करें और इसे सामान्य जगह (टेबल या कुर्सी) में छोड़ दें, ध्यान में रखते हुए कि आपको एक अलग अलार्म घड़ी का उपयोग करना होगा। दूसरा, आप इसे रसोईघर या लिविंग रूम भी छोड़ सकते हैं। 

यदि आप रात में सेलफोन बंद नहीं करना चाहते हैं, तो कम से कम इंटरनेट कनेक्शन को बंद करने का प्रयास करें और बिस्तर से तीन फीट दूर रखें।







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सुस्तदिमाग़ नहीं बनना चाहते तो रात को तकिए के नीचे न रखें अपना फोन | Why Unsafe to sleep with Mobile under pillow? सुस्तदिमाग़ नहीं बनना चाहते तो रात को तकिए के नीचे न रखें अपना फोन | Why Unsafe to sleep with Mobile under pillow? Reviewed by AwarenessBOX on 09:42 Rating: 5

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